SARE JAHAN SE ACHHA LYRICS – Mahendra Kapoor

Sare Jahan Se Achha Lyrics by Mahendra Kapoor is Popular Patriotic Song lyrics written by Muhammad Iqbal.

Sare Jahan Se Achha Song Credit

SongSare Jahan Se Achha
SingerMahendra Kapoor
MusicRavi
LyricsMuhammad Iqbal
LabelSaregama Music

Sare Jahan Se Achha Lyrics

सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्ता हमारा,
हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलिस्तां हमारा ।

ग़ुर्बत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में,
समझो वहीं हमें भी दिल है जहाँ हमारा ।

परबत वह सबसे ऊँचा, हम्साया आसमाँ का,
वह संतरी हमारा, वह पासबाँ हमारा ।

गोदी में खेलती हैं इसकी हज़ारों नदियाँ,
गुल्शन है जिनके दम से रश्क ए जनाँ हमारा ।

ऐ आब ए रूद ए गंगा, वह दिन हैं याद तुझको,
उतरा तेरे किनारे जब कारवाँ हमारा ।

मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना,
हिन्दी हैं हम, वतन है हिंदुस्ता हमारा ।

यूनान ओ मिस्र ओ रूमा सब मिट गए जहाँ से,
अब तक मगर है बाक़ी नाम ओ निशाँ हमारा ।

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी,
सदियों रहा है दुश्मन दौर ए ज़माँ हमारा ।

इक़्बाल कोई महरम अपना नहीं जहाँ में,
मालूम क्या किसी को दर्द ए निहाँ हमारा ।

सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा,
हम बुलबुलें हैं इसकी ये गुलिस्तां हमारा ।

Sare Jahan Se Achha Music Video

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